सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाली “वायरल गर्ल” मोनालिसा भोंसले को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
⚖️ FIR दर्ज, POCSO एक्ट के तहत कार्रवाईजांच के बाद मोनालिसा से शादी करने वाले फरमान खान के खिलाफ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर थाने में POCSO Act के तहत FIR दर्ज की गई है। इस कानून के तहत नाबालिग से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, जिससे आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
🧾 जांच में क्या सामने आया?NCST के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में इस मामले की गहन जांच की गई। अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा की गई कानूनी पैरवी में यह दावा किया गया कि:मोनालिसा को बालिग बताकर शादी कराई गई थीलेकिन वह वास्तव में पारधी जनजाति समुदाय की नाबालिग लड़की हैयह मामला 17 मार्च 2026 को आयोग के सामने उठाया गया
🔎 72 घंटे में जांच पूरी, मेडिकल रिकॉर्ड से पुष्टिआयोग द्वारा गठित टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश तक गहन जांच की। इस जांच में सलाहकार प्रकाश और निदेशक पी. कल्याण रेड्डी की भूमिका अहम रही।महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच में यह पुष्टि हुई कि मोनालिसा की उम्र 18 वर्ष से कम है, जिससे वह कानूनी रूप से नाबालिग साबित हुई।
⚠️ मामले में अन्य आरोप भी सामने आएशिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इस विवाह में कुछ राजनीतिक और संगठनों की संलिप्तता हो सकती है। अधिवक्ता प्रथम दुबे ने दावा किया कि यह मामला सिर्फ निजी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नैरेटिव बनाने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
🧩 मामला क्यों है अहम?यह मामला कई कारणों से संवेदनशील माना जा रहा है:नाबालिग से विवाह का आरोपजनजातीय समुदाय से जुड़ा मुद्दाकानूनी और सामाजिक पहलुओं का टकरावअब इस केस में आगे की कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

